महाराष्ट्र में ऑटो टैक्सी चालकों को मराठी सीखने के लिए सरकार द्वारा दी गई समय सीमा पूरी हो गई है। 7,750 ऑटो चालक मराठी की परीक्षा में फेल हो गए हैं। महाराष्ट्र सरकार के औपचारिक आंकड़ों के मुताबिक महाराष्ट्र में करीब 25,000 से ज्यादा ऑटोरिक्शा चालक अभी भी राज्य सरकार के मराठी भाषा प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत प्रमाणन प्राप्त नहीं कर सके हैं। इनमें से 7,750 चालक मराठी भाषा की परीक्षा में फेल हो गए हैं। यानी कि उन्हें यह परीक्षा एक बार फिर से देनी पड़ेगी।
17,427 चालक प्रशिक्षण पूरा होने का कर रहे इंतजार
परिवहन डिपार्टमेंट से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि बाकी 17,427 चालक अभी प्रशिक्षण पूरा होने का इंतजार कर रहे हैं। मुंबई में सबसे ज्यादा 9,196 चालकों का प्रशिक्षण लंबित है। इसके बाद ठाणे में 4,871, नवी मुंबई में 1,400, पालघर में 350 और महाराष्ट्र के अन्य हिस्सों में 1,610 चालकों का प्रशिक्षण बाकी है। प्रशिक्षण पूरा करने की आधिकारिक अंतिम तारीख 15 अगस्त थी।
1.40 लाख से अधिक ऑटो चालकों ने परीक्षा पास की
क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों (RTO) ने साहित्यिक संगठनों के सहयोग से यह कार्यक्रम आयोजित किया था। इसके लिए करीब 1.70 लाख आवेदन प्राप्त हुए थे। अब तक 1.40 लाख से अधिक ऑटो चालकों ने प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा कर मराठी दक्षता परीक्षा पास कर ली है।
अब लेना होगा अतिरिक्त प्रशिक्षण
अधिकारियों के मुताबिक, परीक्षा में असफल हुए 7,750 चालकों को दोबारा परीक्षा देने से पहले अतिरिक्त प्रशिक्षण लेना होगा। वहीं, 17,427 चालक 15 अगस्त की समयसीमा तक अपना प्रशिक्षण पूरा नहीं कर सके।
अगले एक-दो सप्ताह में सत्र के पूरा होने की उम्मीद
अधिकारियों ने बताया कि इन चालकों के प्रशिक्षण सत्र अगले एक से दो सप्ताह में पूरा होने की उम्मीद है। यह मराठी भाषा प्रशिक्षण पहल राज्य सरकार के उस फैसले के बाद शुरू की गई है, जिसके तहत ऑटोरिक्शा और टैक्सी चालकों के लिए बुनियादी मराठी भाषा का ज्ञान अनिवार्य किया गया है।
कुल 140423 चालकों ने पास की परीक्षा
बता दें कि औपचारिक तौर पर अब तक कुल मिलाकर 165600 आवेदनों में से 140423 चालकों ने परीक्षा पास कर ली है। महाराष्ट्र में बड़ी संख्या ऑटो और टैक्सी चालक दूसरे प्रदेशों से हैं, जहां उन्हें स्थानीय भाषा बोलने और समझने में खासा दिक्कत होती है।
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